नई दिल्ली : पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर (PMERC) ने कंसोर्टियम ऑफ एक्रेडिटेड हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशंस (CAHO) के सहयोग से पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 के तहत व्यापक पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप का सफल आयोजन किया। इसमें वरिष्ठ चिकित्सकों, डॉक्टरों, अस्पताल प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासकों और विभिन्न क्षेत्रों के स्वास्थ्य पेशेवरों सहित हेल्थकेयर क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। वर्कशॉप में मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करने, अधिक सक्षम और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियां विकसित करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों के सामने उभरती चुनौतियों से निपटने को लेकर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
“रिस्क, रेजिलिएंस एंड प्रॉफिटेबिलिटी” थीम पर आयोजित इस वर्कशॉप में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पेशेंट सेफ्टी को केवल एक अलग गुणवत्ता पहल के रूप में देखने के बजाय इसे अस्पतालों की क्लीनिकल, ऑपरेशनल और संस्थागत प्रक्रियाओं का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में प्रभावी जोखिम प्रबंधन, आपात स्थितियों के लिए तैयारी, मजबूत और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों तथा सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन प्रयासों से मरीजों के बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर के सीएमडी डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा, “पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप में मिली व्यापक भागीदारी और सक्रिय सहभागिता यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र में मरीजों की सुरक्षा को बनाए रखने की आवश्यकता को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। नौ केंद्रित सत्रों और सात घंटे की संरचित लर्निंग के माध्यम से इस वर्कशॉप में चिकित्सकों, हेल्थकेयर लीडर्स, प्रशासकों और विशेषज्ञों के विविध अनुभवों को एक मंच पर लाया गया, जहां जोखिम, रेजिलिएंस और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणालियों को लेकर व्यावहारिक दृष्टिकोणों पर चर्चा हुई। CAHO के साथ हमारी साझेदारी ने कार्यक्रम की अकादमिक और पेशेवर प्रासंगिकता को और मजबूत किया। हेल्थकेयर क्षेत्र से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से हम उत्साहित हैं और हमारा विश्वास है कि ऐसे मंच स्वास्थ्य संस्थानों को अपनी पेशेंट सेफ्टी प्रक्रियाओं का लगातार मूल्यांकन, सुदृढ़ीकरण और सुधार करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।”
वर्कशॉप में कुल नौ सत्रों के माध्यम से सात घंटे की लर्निंग प्रदान की गई। व्यापक अकादमिक कार्यक्रम के दौरान पेशेंट सेफ्टी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। इंटरैक्टिव सत्रों में विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने, अपने अनुभव साझा करने और अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में लागू किए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों को समझने का अवसर मिला।
वर्कशॉप में हेल्थकेयर इकोसिस्टम के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों की मौजूदगी ने संस्थानों के बीच अनुभव और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। वरिष्ठ स्वास्थ्य पेशेवरों और अस्पताल नेतृत्व की भागीदारी ने चर्चाओं को और व्यापक बनाया। प्रतिनिधियों ने इस बात पर विचार किया कि पेशेंट सेफ्टी के सिद्धांतों को अस्पतालों में मापने योग्य, प्रभावी और लंबे समय तक टिकाऊ प्रक्रियाओं में किस तरह परिवर्तित किया जा सकता है।
कार्यक्रम को अतिरिक्त अकादमिक मान्यता प्रदान करते हुए दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) द्वारा 5.5 घंटे के लिए मान्यता दी गई। इससे मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए वर्कशॉप की शैक्षणिक उपयोगिता को मान्यता मिली और सतत चिकित्सा शिक्षा तथा पेशेवर विकास पर इसके फोकस को भी मजबूती मिली।
पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। यह पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर की वार्षिक मेडिकल एजुकेशन पहल का पांचवां संस्करण है, जिसे इस वर्ष पहले से कहीं अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को अकादमिक लर्निंग, कौशल विकास, पेशेवर संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए व्यापक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।


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