हल्द्वानी: एडवांस्ड सर्जिकल एक्सपर्टीज और मल्टीडिसिप्लिनरी केयर के बेहतरीन समन्वय का उदाहरण पेश करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के डॉक्टरों ने हल्द्वानी निवासी 91-वर्षीय मरीज की कॉम्प्लेक्स स्पाइन सर्जरी सफलतापूर्वक की। मरीज को गिरने के बाद रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण उसकी चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो गई थी।
श्री सतीश जोशी अक्टूबर 2025 में बाथरूम में फिसलने के बाद गिर गए थे। इसके बाद अगले कुछ महीनों में उनके मिड-बैक में लगातार और तेज दर्द बढ़ता गया, साथ ही दोनों तरफ एंटीरियर रेडिकुलोपैथी यानी दर्द का दोनों ओर फैलना शुरू हो गया। उन्हें चलने में परेशानी और कब्ज की समस्या भी होने लगी। स्थानीय स्तर पर कई डॉक्टरों से परामर्श और दवाएं लेने के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। आगे की जांच, जिसमें MRI भी शामिल था, में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला, जिसके लिए सर्जरी की जरूरत थी। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज रेफर किया गया।
मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज पहुंचने पर न्यूरोसर्जन, न्यूरोएनेस्थेटिस्
विस्तृत जांच और सावधानीपूर्वक प्लानिंग के बाद मरीज की करीब चार से पांच घंटे तक चली कॉम्प्लेक्स स्पाइन सर्जरी की गई। यह सर्जरी मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के न्यूरोसर्जरी एंड स्पाइन विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर - डॉ. आशीष गुप्ता और न्यूरो एंड स्पाइन सर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट - डॉ. अरविंदर धायल के नेतृत्व में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने की। सर्जरी के बाद मरीज को किसी बड़ी कॉम्प्लीकेशंस का सामना नहीं करना पड़ा और उनकी रिकवरी अच्छी रही।
इस मामले पर बात करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के न्यूरोसर्जरी एंड स्पाइन विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर - डॉ. आशीष गुप्ता ने कहा, “इतनी अधिक उम्र के मरीजों में स्पाइन की समस्या उनकी मोबिलिटी और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने की क्षमता पर काफी असर डाल सकती है, खासकर जब दर्द के साथ चलने में भी परेशानी हो। हालांकि, केवल उम्र के आधार पर सर्जरी के विकल्प को खारिज नहीं किया जाना चाहिए, यदि मरीज की पूरी तरह से जांच की गई हो।
आगे बात करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के न्यूरो एंड स्पाइन सर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट - डॉ. अरविंदर धायल ने कहा, “इस मामले में चुनौती केवल स्पाइनल इंजरी की गंभीरता नहीं थी, बल्कि मरीज की बहुत अधिक उम्र और साथ मौजूद अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी थीं। हमारा उद्देश्य स्पाइन की समस्या का इलाज करने के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया और रिकवरी के दौरान उनकी ओवरऑल हेल्थ को स्थिर बनाए रखना था। र्ग और हाई-रिस्क मरीजों में कॉम्प्लेक्स स्पाइन कंडीशंस के इलाज के लिए मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच के महत्व को रेखांकित किया है।


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