बरेली: मजबूत हड्डियां और स्वस्थ जोड़ एक एक्टिव और दर्द-रहित जीवन की नींव हैं। लेकिन बढ़ती उम्र, खराब लाइफस्टाइल, पोषण की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस व आर्थराइटिस जैसी बीमारियों के कारण इनकी सेहत प्रभावित होने लगती है। इसलिए मस्कुलोस्केलेटल हेल्थ पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के ऑर्थोपेडिक्स, जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. बी. एस. मूर्ति के अनुसार, आज आर्थ्रोस्कोपी जैसी मिनिमली इनवेसिव तकनीक जोड़ों की समस्या का सटीक इलाज करती है, जिससे रिकवरी तेज होती है और निशान भी कम रहते हैं। वहीं, गंभीर मामलों में टोटल नी या हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी अब ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो चुकी है।
वे बताते हैं कि पीआरपी इंजेक्शन और स्टेम सेल थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकें कार्टिलेज की मरम्मत में मदद कर रही हैं। साथ ही, नियमित BMD टेस्ट, कैल्शियम और विटामिन D का सेवन, संतुलित वजन और व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।
सही लाइफस्टाइल और समय पर इलाज से उम्र बढ़ने के बावजूद हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखकर एक सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जिया जा सकता है।

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