हेड एंड नेक सर्जरी में रोबोटिक्स से सटीक इलाज और तेज रिकवरी का नया दौर


हेड एंड नेक सर्जरी में रोबोटिक्स से सटीक इलाज और तेज रिकवरी का नया दौर

सोनीपत: आधुनिक सर्जिकल टेक्नोलॉजी ने जटिल ऑपरेशन्स के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है, खासकर शरीर के संवेदनशील हिस्सों जैसे हेड एंड नेक क्षेत्र में। पिछले कुछ वर्षों में रोबोटिक सर्जरी एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में सामने आई है, जो सर्जन की क्षमता को और अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बनाती है। यह तकनीक सर्जन की जगह नहीं लेती, बल्कि उन्हें कठिन और संकरे हिस्सों तक बेहतर पहुंच और अधिक नियंत्रण देती है, जिससे मरीजों की रिकवरी भी बेहतर होती है। हेड एंड नेक कैंसर जैसी स्थितियों में यह आधुनिक इलाज का एक अहम विकल्प बनता जा रहा है।


रोबोटिक हेड एंड नेक सर्जरी एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसमें सर्जन एक विशेष कंसोल से रोबोटिक इंस्ट्रूमेंट्स को नियंत्रित करता है। ये इंस्ट्रूमेंट्स मानव हाथों की तुलना में अधिक लचीले और अत्यंत सटीक मूवमेंट कर सकते हैं। हेड एंड नेक क्षेत्र की जटिल संरचना, आसपास मौजूद महत्वपूर्ण अंगों और सीमित जगह के कारण पारंपरिक सर्जरी चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में रोबोटिक सिस्टम सर्जन के हाथों की हर मूवमेंट को छोटे और नियंत्रित एक्शन में बदलकर बेहद सटीक सर्जरी संभव बनाता है।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, डॉ. अनादी पचौरी ने बताया “हेड एंड नेक सर्जरी में बोलने, निगलने और सांस लेने जैसी महत्वपूर्ण क्रियाओं को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है। रोबोटिक सर्जरी इस चुनौती को आसान बनाती है क्योंकि इसमें हाई-डेफिनिशन और मैग्निफाइड विज़न मिलता है, जिससे सर्जन छोटे से छोटे स्ट्रक्चर को भी साफ देख पाते हैं। साथ ही, रोबोटिक इंस्ट्रूमेंट्स आसपास के टिशू को कम नुकसान पहुंचाते हुए सटीक ऑपरेशन करने में मदद करते हैं। गले, जीभ के बेस और वॉइस बॉक्स जैसे मुश्किल हिस्सों तक बिना बड़े कट के पहुंचना भी इस तकनीक से संभव हो जाता है। आज के समय में रोबोटिक सर्जरी का उपयोग मुंह और गले के ट्यूमर, जीभ के बेस से जुड़ी समस्याओं और कुछ वॉइस बॉक्स से संबंधित स्थितियों के इलाज में तेजी से बढ़ रहा है। कई मामलों में ट्यूमर को मुंह के रास्ते ही हटाया जा सकता है, जिससे बाहरी कट की जरूरत नहीं पड़ती और मरीज को कम तकलीफ होती है।“


पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी कई मायनों में अलग है। जहां पारंपरिक तरीके में बड़े कट, अधिक टिशू डैमेज और लंबा रिकवरी समय देखने को मिल सकता है, वहीं रोबोटिक सर्जरी में छोटे या बिना दिखाई देने वाले कट, कम असर और जल्दी सामान्य जीवन में वापसी संभव होती है। हालांकि, इसका उद्देश्य पारंपरिक सर्जरी को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार एक बेहतर विकल्प प्रदान करना है।


डॉ. अनादी ने आगे बताया “रोबोटिक सर्जरी के फायदे इसके मिनिमली इनवेसिव और हाई-प्रिसिशन नेचर से जुड़े हैं। इसमें सर्जिकल ट्रॉमा कम होता है, जिससे आसपास के टिशू सुरक्षित रहते हैं। मरीजों को कम समय के लिए अस्पताल में रहना पड़ता है और रिकवरी भी तेजी से होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बोलने और निगलने जैसी क्रियाएं बेहतर तरीके से सुरक्षित रहती हैं। ऑपरेशन के बाद दर्द और असुविधा कम होती है, और क्योंकि ज्यादातर सर्जरी शरीर के अंदर से की जाती है, इसलिए बाहरी निशान भी बहुत कम या नहीं के बराबर होते हैं। सर्जरी से पहले मरीज का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें बीमारी की स्थिति, शरीर की समग्र सेहत और रोबोटिक सर्जरी के लिए उपयुक्तता का आकलन किया जाता है। इमेजिंग और अन्य जांचों की मदद से पूरी सर्जिकल प्लानिंग की जाती है और मरीज को प्रक्रिया, रिकवरी टाइम और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के बारे में विस्तार से बताया जाता है।“


सर्जरी के दौरान सर्जन एक कंसोल पर बैठकर रोबोटिक सिस्टम को नियंत्रित करता है। छोटे इंस्ट्रूमेंट्स को शरीर के प्राकृतिक रास्तों या छोटे एंट्री पॉइंट्स से अंदर डाला जाता है और कैमरे के जरिए सर्जिकल एरिया का 3D और मैग्निफाइड व्यू मिलता है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि रोबोट खुद से कोई काम नहीं करता, बल्कि हर मूवमेंट सर्जन द्वारा ही नियंत्रित होता है।


डॉ. अनादी ने आगे बताया “रिकवरी के मामले में रोबोटिक सर्जरी आमतौर पर अधिक सहज होती है। मरीज को कम समय के लिए अस्पताल में रहना पड़ता है, धीरे-धीरे खाना शुरू कराया जाता है और नियमित फॉलो-अप के जरिए हीलिंग और फंक्शन पर नजर रखी जाती है। अधिकांश मरीज अपेक्षाकृत जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट पाते हैं। हालांकि, रोबोटिक सर्जरी की सफलता पूरी तरह सर्जन के अनुभव और कौशल पर निर्भर करती है। रोबोटिक सिस्टम केवल एक उपकरण है, जिसकी प्रभावशीलता सर्जन की विशेषज्ञता, जटिल मामलों को संभालने की क्षमता और सही मरीज के चयन पर आधारित होती है। इसलिए प्रशिक्षित और अनुभवी विशेषज्ञ का चयन बेहद महत्वपूर्ण है।“


भविष्य में रोबोटिक सर्जरी और भी उन्नत होती जाएगी, जिसमें बेहतर इंस्ट्रूमेंट डिजाइन, उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग और अधिक सटीक सर्जिकल प्लानिंग टूल्स शामिल होंगे। इसका उद्देश्य सर्जरी को और अधिक सटीक बनाना, रिकवरी समय को कम करना और मरीज के अनुभव को बेहतर बनाना है।

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