बीपी और ब्रेन स्ट्रोक: ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना क्यों बचा सकता है आपकी जान

बीपी और ब्रेन स्ट्रोक: ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना क्यों बचा सकता है आपकी जान

भिवाड़ी - हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता है। इनमें सबसे गंभीर खतरा ब्रेन स्ट्रोक का होता है, जो व्यक्ति को स्थायी रूप से विकलांग बना सकता है या उसकी जान भी ले सकता है। अच्छी बात यह है कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखकर स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 


ब्रेन स्ट्रोक तब होता है, जब मस्तिष्क के किसी हिस्से तक खून का प्रवाह रुक जाता है या दिमाग की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। जब खून का थक्का मस्तिष्क की नस को बंद कर देता है, तो इसे इस्केमिक स्ट्रोक कहा जाता है। वहीं, जब रक्त वाहिका फटने से दिमाग में खून बहने लगता है, तो इसे हेमरेजिक स्ट्रोक कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर दोनों तरह के स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है, क्योंकि यह समय के साथ रक्त वाहिकाओं को कमजोर और संकरा बना देता है। 


मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के न्यूरोसर्जरी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. हिमांशु चंपानेरी बताते हैं, "अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित न रहे, तो यह दिमाग की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे नसों में रुकावट या उनके फटने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे स्ट्रोक हो सकता है। इसलिए बीपी की नियमित जांच और उसे नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है।" 


स्ट्रोक के कुछ चेतावनी संकेतों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति का अचानक संतुलन बिगड़ जाए, एक या दोनों आंखों से धुंधला दिखाई देने लगे, चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा हो जाए, एक हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो, या बोलने में परेशानी होने लगे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए, क्योंकि स्ट्रोक में हर मिनट बहुत महत्वपूर्ण होता है। 


कुछ लोगों में स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, जो धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करते हैं, अधिक शराब पीते हैं, मोटापे से ग्रस्त हैं, शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं या जिनके परिवार में स्ट्रोक या हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आजकल खराब जीवनशैली के कारण कम उम्र के लोगों में भी स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 


डॉ. चंपानेरी ने बताया , "स्ट्रोक से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि लोग अपने ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं, नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, स्वस्थ वजन बनाए रखें, धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें, शराब का सेवन सीमित करें और डॉक्टर द्वारा दी गई बीपी की दवाएं बिना सलाह के कभी बंद न करें।" 


हाई ब्लड प्रेशर भले ही शुरुआत में कोई परेशानी महसूस न कराए, लेकिन यह धीरे-धीरे मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अपने ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं, स्वस्थ आदतें अपनाएं और यदि बीपी लगातार बढ़ा हुआ रहे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर किया गया बचाव ही स्ट्रोक से सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।

Close Menu

💡 Enjoying the content?

For getting latest content, Please Follow us.

Follow Us