ब्रेन ट्यूमर हर बार कैंसर नहीं होता समय पर पहचान बचा सकती है जीवन

ब्रेन ट्यूमर हर बार कैंसर नहीं होता समय पर पहचान बचा सकती है जीवन

हल्दवानी: ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क के भीतर कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को कहा जाता है। हालांकि, यह समझना बेहद जरूरी है कि हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होता। लगभग 70 प्रतिशत ब्रेन ट्यूमर बेनाइन होते हैं, जो कैंसरस नहीं होते। बेनाइन ट्यूमर आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ते हैं, लेकिन मस्तिष्क के संवेदनशील हिस्सों पर दबाव डालने के कारण ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। दूसरी ओर, मैलिग्नेंट ट्यूमर कैंरस होते हैं और आसपास के मस्तिष्क ऊतकों में फैल सकते हैं, जिसके कारण इनका उपचार अधिक जटिल और त्वरित होता है।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के न्यूरोसर्जरी एवं स्पाइन सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया ब्रेन ट्यूमर के सफल उपचार की कुंजी इसकी शीघ्र पहचान और सटीक निदान में निहित है। आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों जैसे एमआरआई और सीटी स्कैन की मदद से ट्यूमर की स्थिति, आकार और प्रकृति का विस्तृत आकलन किया जाता है, जिससे उपचार की सही योजना बनाई जा सके। ब्रेन ट्यूमर का उपचार मरीज की उम्र, समग्र स्वास्थ्य, ट्यूमर के प्रकार, आकार और स्थान को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाता है। उपचार के प्रमुख विकल्पों में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी शामिल हैं।  


डॉ. आशीष ने आगे बतायाआज न्यूरोसर्जरी में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, मिनिमल एक्सेस सर्जरी, माइक्रोस्कोपिक सर्जरी, एंडोस्कोपिक सर्जरी, स्टीरियोटैक्टिक सर्जरी, न्यूरो-नेविगेशन गाइडेड सर्जरी और अवेक क्रैनियोटॉमी जैसी आधुनिक तकनीकों का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से एडवांस्ड न्यूरो-नेविगेशन सिस्टम सर्जनों को अत्यधिक सटीकता के साथ ट्यूमर तक पहुंचने में मदद करते हैं।  


ब्रेन ट्यूमर के साथ जीवन जीने के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि नियमित निगरानी और व्यापक देखभाल भी आवश्यक होती है। इसके लिए न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक समन्वित टीम की आवश्यकता होती है। 

Close Menu

💡 Enjoying the content?

For getting latest content, Please Follow us.

Follow Us