ओरल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर जांच है सबसे बड़ी ताकत

 

ओरल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर जांच है सबसे बड़ी ताकत

रेवाड़ी: ओरल कैंसर आज भारत में सबसे आम और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह काफी हद तक रोका जा सकता है और अगर समय पर पहचान हो जाए तो इसका सफल इलाज भी संभव है। फिर भी, देर से पहचान और जागरूकता की कमी के कारण यह कैंसर से होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण बना हुआ है। इसके कारणों, शुरुआती लक्षणों और जांच की प्रक्रिया को समझना बेहतर परिणामों के लिए बेहद जरूरी है।


ओरल कैंसर उस कैंसर को कहा जाता है जो मुंह के किसी भी हिस्से में विकसित हो सकता है। इसमें होंठ, जीभ, मुंह का फर्श (जीभ और निचले जबड़े की हड्डी के बीच का हिस्सा), गालों का अंदरूनी भाग, ऊपरी और निचले जबड़े की हड्डियां, हार्ड पैलेट (ऊपरी तालु) और रेट्रोमोलर ट्राइगोन — जो आखिरी दाढ़ के पीछे स्थित त्रिकोणीय क्षेत्र होता है — शामिल हैं।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारका के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (हेड एंड नेक) विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. शिल्पी शर्मा ने बताया “भारत में पुरुषों में यह सबसे आम कैंसर है और महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है। देश के कुछ क्षेत्रों में यह महिलाओं में भी प्रमुख कैंसरों में से एक है। हर साल लगभग एक लाख नए मामले सामने आते हैं, जो इसे एक बड़ी पब्लिक हेल्थ समस्या बनाते हैं। दुर्भाग्य से, लगभग 60–70 प्रतिशत मरीज एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे जीवित रहने की संभावना काफी कम हो जाती है। बड़ी संख्या में मरीजों की मृत्यु निदान के एक वर्ष के भीतर ही हो जाती है, जिसका मुख्य कारण देर से पहचान है। ओरल कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है। तंबाकू को चबाकर (मावा, खैनी, पान, पान मसाला, गुटखा), पीकर (बीड़ी, सिगरेट, हुक्का) या मंजन/पेस्ट के रूप में जैसे मिश्री के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। सुपारी (अरेका नट), जिसे अकेले या तंबाकू के साथ खाया जाता है, भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर है। शराब का सेवन, खासकर तंबाकू के साथ, कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। नुकीले दांतों या ठीक से फिट न होने वाले डेंचर से होने वाली लगातार चोट, खराब ओरल हाइजीन, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण और पोषण की कमी भी इस बीमारी से जुड़ी हुई हैं।“


डॉ. शिल्पी ने आगे बताया “समय पर पहचान जीवन बचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे चेतावनी संकेत जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, उनमें मुंह का न भरने वाला घाव, लाल या सफेद धब्बे, बिना कारण बढ़ने वाली गांठ जो छूने पर खून करे, दांतों का अचानक हिलना, डेंचर का फिट न होना, खाने या निगलने में कठिनाई, बोलने में बदलाव, लगातार गले में दर्द जो कान तक पहुंचे, गर्दन में सूजन या चेहरे पर बिना कारण घाव शामिल हैं। यदि कोई भी लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। कुछ स्थितियां संभावित रूप से कैंसर में बदल सकती हैं, जिन्हें पोटेंशियली मैलिग्नेंट डिसऑर्डर कहा जाता है। ल्यूकोप्लाकिया मुंह के अंदर सफेद धब्बे के रूप में दिखाई देता है और अक्सर तंबाकू सेवन करने वालों में पाया जाता है। एरिथ्रोप्लाकिया लाल धब्बे के रूप में दिखता है और इसमें कैंसर में बदलने का खतरा और अधिक होता है। ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (OSMF), जो गुटखा और सुपारी खाने वालों में आम है, धीरे-धीरे मुंह खोलने की क्षमता कम कर देता है और कैंसर का खतरा बढ़ाता है। इरोसिव लाइकेन प्लानस, जो एक पुरानी सूजन संबंधी बीमारी है और त्वचा या म्यूकस मेम्ब्रेन को प्रभावित करती है, भी कैंसर में बदल सकती है। इन स्थितियों की समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।“


ओरल कैंसर की पहचान सबसे पहले ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा की गई पूरी क्लिनिकल जांच से शुरू होती है। यदि संदेह होता है तो बायोप्सी की जाती है, जिससे कैंसर की पुष्टि और उसके प्रकार की जानकारी मिलती है। सीटी स्कैन, एमआरआई या PET-CT जैसी इमेजिंग जांच से यह पता लगाया जाता है कि ट्यूमर कितना फैला है और क्या यह आसपास के टिश्यू या लिंफ नोड्स तक पहुंच चुका है। क्लिनिकल और रेडियोलॉजिकल जांच के आधार पर कैंसर को अर्ली स्टेज (स्टेज I या II) या एडवांस स्टेज (स्टेज III या IV) में वर्गीकृत किया जाता है।


ओरल कैंसर का इलाज संभव है, खासकर जब इसकी पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए। एडवांस स्टेज में भी इलाज के विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन जल्दी पहचान होने पर परिणाम बेहतर होते हैं। जागरूकता, नियमित ओरल जांच, तंबाकू और अत्यधिक शराब से परहेज तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना इस बीमारी के बोझ को कम करने के सबसे प्रभावी तरीके हैं।


समय पर पहचान जीवन बचा सकती है। रोकथाम और सही समय पर जांच ही ओरल कैंसर के खिलाफ हमारी सबसे मजबूत रणनीति है।

Close Menu

💡 Enjoying the content?

For getting latest content, Please Follow us.

Follow Us